सोमवार सुबह के नौ बजे हैं। आप ऑफिस के लिए निकलने की जल्दी में हैं और तभी फोन बजता है। स्क्रीन पर अनजान नंबर देखकर लगता है शायद कूरियर वाला होगा। उठाते हैं तो दूसरी तरफ से आवाज आती है, “सर, आपका क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है, तुरंत KYC करा लीजिए।” यह स्पैम कॉल है। और यह दिन में तीन-चार बार होता है। Truecaller जैसे ऐप इस समस्या में काम आते हैं, लेकिन हर कोई अपना कॉन्टैक्ट और कॉल की जानकारी किसी थर्ड पार्टी ऐप को नहीं देना चाहता। कई लोगों के लिए प्राइवेसी की चिंता इसकी वजह होती है।
अच्छी खबर यह है कि बिना Truecaller के भी स्पैम कॉल्स को काफी हद तक रोका जा सकता है। आपके फोन में पहले से मौजूद सेटिंग्स, कुछ सरकारी सुविधाएं और थोड़ी समझदारी से काम चल सकता है। इस लेख में हम ऐसे ही तरीके देखेंगे जो भारत में काम आते हैं और जिनके लिए आपको कोई अलग ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। कोई तरीका 100 प्रतिशत स्पैम नहीं रोकता, पर मिलाकर इस्तेमाल करने से फर्क साफ दिखता है।
DND एक्टिवेट करें, यह सबसे पहला कदम है
TRAI का DND यानी Do Not Disturb रजिस्ट्री सबसे बेसिक कदम है। इसमें नंबर दर्ज होने के बाद रजिस्टर्ड टेलीमार्केटर आपको प्रमोशनल कॉल और SMS नहीं भेज सकते। इसे एक्टिवेट करना आसान है। अपने मोबाइल से 1909 पर SMS करें जिसमें लिखा हो START 0, और सब कुछ ब्लॉक हो जाएगा। चाहें तो किसी खास श्रेणी (जैसे बैंकिंग या रियल एस्टेट) को ही रोकने के विकल्प भी हैं। अपने ऑपरेटर के ऐप या वेबसाइट पर भी यह सुविधा मिल जाती है। यह सेवा फ्री है और सभी बड़े ऑपरेटर पर लागू होती है। एक्टिवेशन में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए उसी दिन फर्क की उम्मीद न करें।
DND चालू होने के बाद भी कुछ कॉल्स आ सकती हैं, क्योंकि कई कंपनियां और ठग नियम तोड़ते हैं। ऐसी कॉल्स की शिकायत जरूर करें। शिकायत का सही तरीका (SMS फॉर्मेट या ऑपरेटर के ऐप का विकल्प) बदलता रहता है और समय सीमा भी तय होती है, इसलिए कॉल आने के बाद जल्दी ही अपने ऑपरेटर या TRAI की आधिकारिक वेबसाइट पर देखकर शिकायत दर्ज करें। नंबर, तारीख और समय पास रखें।
एक आम गलती यह है कि लोग DND तो एक्टिवेट कर लेते हैं लेकिन शिकायत नहीं करते। शिकायतें ही नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई का आधार बनती हैं। हर बार शिकायत करने में बीस सेकंड लगते हैं, पर इससे सिस्टम को ऐसे नंबर पहचानने में मदद मिलती है।
फोन की बिल्ट-इन कॉलर ID और स्पैम प्रोटेक्शन चालू करें
कई Android फोन में Google की Phone ऐप होती है, जिसमें स्पैम की पहचान का फीचर मिलता है। फोन ऐप खोलें, तीन डॉट्स पर टैप करें, Settings में जाएं और Caller ID and spam विकल्प देखें। इसे चालू करें। ध्यान रहे कि इसके लिए अनजान नंबर की जानकारी Google तक जाती है। इसके बाद कई अनजान नंबर की कॉल पर स्क्रीन पर “Suspected spam” जैसी चेतावनी दिख सकती है। यह हर बार सही नहीं होती, इसलिए इसे सिर्फ संकेत मानें।
iPhone में भी Silence Unknown Callers नाम की सेटिंग होती है। Settings में Phone खोलें और Silence Unknown Callers को ऑन कर दें। इससे अनजान नंबर की कॉल चुपचाप चली जाती है और फोन नहीं बजता। यह थोड़ा सख्त तरीका है और डिलीवरी या किसी जरूरी अनजान कॉल को भी रोक सकता है, इसलिए बीच-बीच में मिस्ड कॉल की सूची देखते रहें।
कुछ Android ब्रांड्स, जैसे Samsung और Xiaomi, के अपने डायलर में भी स्पैम फिल्टर या कॉलर ID का विकल्प हो सकता है। यह मॉडल, देश और सॉफ्टवेयर वर्जन पर निर्भर करता है, इसलिए डायलर की Settings में Spam या Caller ID जैसा विकल्प खोजकर देखें। इसके लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है।
अनजान नंबर को सीधे ब्लॉक करने की आदत डालें
स्पैम कॉल आने के बाद सबसे आसान काम है उस नंबर को ब्लॉक कर देना। Android में कॉल लॉग खोलें, नंबर पर टैप करें और Block/report spam चुनें। iPhone में नंबर के आगे info बटन दबाकर Block this Caller करें। इसमें पांच सेकंड लगते हैं।
लेकिन सिर्फ ब्लॉक करना काफी नहीं है, क्योंकि स्पैमर बार-बार नया नंबर इस्तेमाल करते हैं। इसलिए साथ में रिपोर्ट भी करें। Android में “Block and report spam” जैसे विकल्प से नंबर की रिपोर्ट Google को जाती है, जिससे दूसरे यूजर्स को भी चेतावनी दिखने की संभावना बढ़ती है।
एक और तरीका है किसी खास सीरीज से शुरू होने वाले सभी नंबर ब्लॉक करना। भारत में 140 से शुरू होने वाले नंबर आम तौर पर टेलीमार्केटिंग के लिए होते हैं। कुछ फोन में, जैसे Samsung के डायलर में, “Starts with” जैसा विकल्प मिलता है जिससे आप किसी सीरीज को ब्लॉक कर सकते हैं। हर फोन में यह नहीं होता। सावधानी रखें: बैंक और जरूरी सेवाओं की असली कॉल या SMS भी कुछ खास सीरीज (जैसे 160) से आ सकते हैं, इसलिए ऐसी सीरीज ब्लॉक न करें।
अपना नंबर पब्लिक जगहों पर देने से बचें
स्पैम कॉल्स की जड़ अक्सर आपका अपना नंबर होता है जो कहीं गलत जगह चला गया। मॉल में लकी ड्रॉ की पर्ची भरते समय, किसी रेस्टोरेंट में फीडबैक फॉर्म देते समय, या किसी वेबसाइट पर फ्री ईबुक डाउनलोड करते समय हम अपना मोबाइल नंबर बिना सोचे लिख देते हैं। कई बार यही नंबर आगे बेचा या साझा किया जाता है और टेलीमार्केटर्स तक पहुंच जाता है।
अगर किसी फॉर्म में नंबर ऑप्शनल है तो खाली छोड़ दें। किसी दुकान पर बिलिंग के लिए नंबर मांगा जाए तो मना करने में कोई दिक्कत नहीं है। कई बार कैशियर कहता है कि नंबर दीजिए वरना बिल नहीं बनेगा। ऐसे में आप विनम्रता से मना कर सकते हैं या कह सकते हैं कि आपको प्रमोशनल मैसेज नहीं चाहिए।
ऑनलाइन शॉपिंग के समय भी ध्यान रखें। पैकेज पर नंबर तो लिखना ही पड़ता है, लेकिन कुछ साइट्स “Share my number with partners” का चेकबॉक्स पहले से टिक किए रहती हैं। उसे अनटिक कर दें। छोटी सी आदत है, लेकिन लंबे समय में बहुत फर्क पड़ता है।
सरकारी “Sanchar Saathi” से शिकायत करें
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का Sanchar Saathi पोर्टल (और उसका मोबाइल ऐप) संदिग्ध कॉल, SMS और फ्रॉड की शिकायत के लिए बना है। इसमें “Chakshu” नाम की सुविधा से आप संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं। वहां नंबर, तारीख और संदेश का प्रकार भरना होता है। सटीक मेन्यू के नाम बदल सकते हैं, इसलिए असली पोर्टल पर ही देखें और किसी दूसरी साइट पर अपनी जानकारी न डालें।
इस पोर्टल की खास बात यह है कि शिकायत सीधे दूरसंचार विभाग तक पहुंचती है, और जांच के बाद फ्रॉड में इस्तेमाल हुए कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। साथ ही आप यह भी देख सकते हैं कि आपकी ID पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं। अगर कोई कनेक्शन ऐसा दिखे जो आपने नहीं लिया, तो उसकी रिपोर्ट करें।
यह तरीका थोड़ा समय लेता है, लेकिन गंभीर फ्रॉड कॉल्स के लिए यह सही जगह है। “आपका बेटा हॉस्पिटल में है, पैसे भेजो” जैसी कॉल्स की शिकायत यहीं करें। अगर ठगी में पैसा कट गया हो, तो देर न करें: तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, और अपने बैंक को भी तुरंत बताएं।
मोबाइल ऑपरेटर की स्पैम रिपोर्टिंग सुविधा का इस्तेमाल करें
Jio, Airtel और Vi जैसे बड़े ऑपरेटर स्पैम रिपोर्ट करने के तरीके देते हैं। स्पैम SMS की शिकायत आम तौर पर 1909 पर मैसेज फॉरवर्ड करके या ऑपरेटर के ऐप में की जा सकती है। कुछ ऑपरेटर अपने नेटवर्क पर भी स्पैम कॉल और SMS की चेतावनी देने लगे हैं। सटीक फॉर्मेट अलग हो सकता है, इसलिए अपने ऑपरेटर की वेबसाइट पर जांच लें।
इसके अलावा हर ऑपरेटर का अपना ऐप है जैसे MyJio, Airtel Thanks और Vi App। इनमें “Spam” या “Complaint” सेक्शन होता है। वहां से शिकायत करना थोड़ा आसान है क्योंकि आपको SMS का फॉर्मेट याद नहीं रखना पड़ता। बस नंबर डालें और सबमिट करें।
कई लोग सोचते हैं कि शिकायत करने से कुछ नहीं होता। हर शिकायत पर तुरंत नतीजा नहीं दिखता, और कल से सारी स्पैम कॉल्स बंद भी नहीं हो जातीं। लेकिन ऑपरेटर और TRAI जैसे नियामक इन्हीं शिकायतों के आधार पर नंबरों पर कार्रवाई करते हैं।
कॉल स्क्रीनिंग और “Do Not Disturb” मोड का स्मार्ट इस्तेमाल
Android फोन में Do Not Disturb यानी DND मोड होता है जो सिर्फ चुनिंदा लोगों की कॉल्स बजने देता है। इसे आप अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं। Settings में Sound या Notifications में जाकर Do Not Disturb खोलें। वहां कॉल्स की अनुमति (जैसे “Calls from”) में सिर्फ Contacts चुनें। नाम फोन के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। इसके बाद जो नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में नहीं है, उसकी कॉल आम तौर पर बिना घंटी के रहेगी। इसलिए जब किसी जरूरी कॉल या डिलीवरी का इंतजार हो, तब इसे बंद रखें।
यह ऑप्शन खासकर काम के समय या रात में बहुत काम आता है। दिन में आप चाहें तो DND बंद रखें, लेकिन रात दस बजे से सुबह सात बजे तक ऑटोमैटिक DND शेड्यूल कर सकते हैं। रात का यह शेड्यूल आपकी नींद बचाता है।
कुछ फोन में Call Screening का ऑप्शन भी आता है, जैसे Google Pixel में। इसमें फोन आपकी तरफ से कॉल करने वाले से पूछता है कि वह कौन है और किसलिए कॉल कर रहा है, और जवाब स्क्रीन पर लिखा आता है। यह फीचर देश, भाषा और फोन मॉडल पर निर्भर है और भारत में सभी जगह उपलब्ध नहीं हो सकता, इसलिए अपने फोन की सेटिंग में जांच लें।
स्पैम SMS से भी सावधान रहें, क्योंकि वहीं से कॉल्स आती हैं
बहुत से स्पैम कॉल्स की शुरुआत एक SMS से होती है। “आपका पार्सल अटका हुआ है, इस लिंक पर क्लिक करें” या “आपको 5 लाख का लोन मिल सकता है” जैसे मैसेज आते हैं। अगर आप लिंक पर क्लिक करते हैं या जवाब देते हैं, तो ठगों को पता चल जाता है कि नंबर चालू है, और इसके बाद कॉल्स बढ़ सकती हैं। लिंक खोलने से सीधा नुकसान भी हो सकता है।
इसलिए स्पैम SMS को सिर्फ डिलीट न करें, रिपोर्ट भी करें। Android के Messages ऐप में मैसेज खोलकर तीन डॉट्स या मेन्यू से “Report spam” चुनें। iPhone के Messages में भी “Report Junk” का विकल्प आ सकता है। इससे स्पैम फिल्टर बेहतर होने में मदद मिलती है।
लिंक पर क्लिक करने से बचें, चाहे मैसेज कितना भी जरूरी लगे। बैंक या कूरियर कंपनी का नाम लिखा हो तो भी पहले उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक करें। SMS में दिए गए नंबर पर कॉल न करें। यह सबसे आम तरीका है जिससे लोग फ्रॉड के जाल में फंसते हैं। और किसी को भी अपना OTP, UPI PIN या कार्ड की जानकारी कभी न बताएं, चाहे कॉल करने वाला खुद को बैंक वाला ही क्यों न बताए।
कब कॉल उठाना ही नहीं चाहिए
सबसे आसान और सबसे अनदेखा किया जाने वाला नियम है: अनजान नंबर की कॉल हर बार उठाना जरूरी नहीं। अगर कॉल सच में जरूरी हुई, तो वह व्यक्ति दोबारा कॉल करेगा या मैसेज करेगा। जिनसे काम की उम्मीद है (जैसे कूरियर या दफ्तर), उनके लिए आप खुद वापस उनके आधिकारिक नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
कॉल उठाने से एक चीज और हो सकती है। कई ऑटोमैटिक कॉलिंग सिस्टम यह जांचते हैं कि नंबर चालू है या नहीं, और जवाब मिलने पर उसी नंबर पर बार-बार कॉल कर सकते हैं। इसलिए जवाब न देना कई बार कॉल घटाने का एक आसान तरीका बन जाता है।
अगर आपने गलती से उठा लिया तो बात न बढ़ाएं। सवाल-जवाब या बहस में न पड़ें, बस कॉल काटें और नंबर ब्लॉक करें। चुपचाप काट देना सबसे सुरक्षित जवाब है।
क्विक चेकलिस्ट: आज ही करने वाले काम
- 1909 पर START 0 SMS करके DND एक्टिवेट करें।
- फोन के डायलर में Caller ID and spam का विकल्प ऑन करें, अगर आपके फोन में है।
- हाल की पांच-दस स्पैम कॉल्स को ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
- Messages ऐप में स्पैम SMS को रिपोर्ट करें, सिर्फ डिलीट न करें।
- Sanchar Saathi पर फ्रॉड कॉल की शिकायत करें। पैसा कट गया हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
- रात के लिए Do Not Disturb शेड्यूल करें जिसमें सिर्फ कॉन्टैक्ट्स की कॉल बजे।
- किसी भी फॉर्म या वेबसाइट पर जरूरत से ज्यादा नंबर देना बंद करें।
- हर अनजान नंबर की कॉल तुरंत उठाने की आदत छोड़ें। जरूरी होगा तो दोबारा आएगी।





