दोस्तों के साथ बैठे हैं, सबके हाथ में फ़ोन है, और सबसे बड़ी टेंशन यही है कि आज खेला क्या जाए। कोई BGMI की बात करता है, कोई कुछ और, लेकिन सबका मूड कुछ हल्का-फुल्का चाहिए। तभी किसी को याद आता है Among Us, यानी वही झूठ, धोखे और दोस्ती की परीक्षा वाला खेल। पर Among Us कितनी बार खेलें? अच्छी बात यह है कि Play Store पर ऐसे कई गेम हैं जो वही मज़ा देते हैं, बस थोड़े अलग अंदाज़ में।
इस लेख में सात ऐसे पार्टी गेम और गेम-किस्मों की बात है जो आपके दोस्तों के ग्रुप में अगला हिट बन सकते हैं। इनमें धोखा है, टीमवर्क है, हँसी है और कई बार थोड़ी-सी तू-तू मैं-मैं भी। एक ज़रूरी बात पहले ही: ऐसे गेम की उपलब्धता देश के हिसाब से बदलती रहती है, कुछ गेम भारत में Play Store से हट भी जाते हैं, और फीचर या खरीदारी के ऑफर बदलते रहते हैं। इसलिए इंस्टॉल करने से पहले Play Store पर देख लें कि गेम आपके यहाँ मिल रहा है और उसकी रेटिंग व हाल के रिव्यू कैसे हैं। बच्चों को खेलने दें तो उम्र की रेटिंग और ऑनलाइन चैट की सेटिंग भी देख लें।
1. Goose Goose Duck: बत्तखों के बीच कौन है हंस
अगर आपको Among Us जैसा सोशल डिडक्शन चाहिए, लेकिन थोड़ा ज़्यादा मज़ेदार और रोल वाला, तो Goose Goose Duck एक बढ़िया विकल्प है। यहाँ ज़्यादातर खिलाड़ी हंस (गूज़) होते हैं, जिन्हें नक्शे पर अपने काम पूरे करने होते हैं। बीच में कुछ खिलाड़ी बत्तख (डक) बन जाते हैं, जिनका काम चुपचाप बाकी हंसों को हटाना है।
इस गेम की सबसे मज़ेदार चीज़ इसमें मौजूद वॉइस चैट है, जिसमें अक्सर आपके पास खड़े खिलाड़ियों की ही आवाज़ सुनाई देती है। यानी अलग से Discord या WhatsApp कॉल खोलने की ज़रूरत कम पड़ती है। इस वजह से दोस्तों के ग्रुप में यह खेल अच्छा जमता है। चैट की सेटिंग हर वर्ज़न में एक जैसी न हो, तो गेम की सेटिंग में देख लें।
खेलने का तरीका
- नक्शे पर काम (टास्क) दिखते हैं, जैसे कोई चीज़ जोड़ना या बटन दबाना।
- बत्तख पीछे से हमला कर सकते हैं, इसलिए आसपास नज़र रखें।
- शव मिलने पर मीटिंग बुलाई जाती है, जहाँ बातचीत से पता लगाना होता है कि कौन झूठ बोल रहा है।
- वोट देकर संदिग्ध खिलाड़ी को बाहर किया जाता है।
एक आम गलती यह होती है कि लोग शुरू में ही बिना सबूत के किसी को वोट कर देते हैं। इससे असली बत्तख बच जाता है और आपकी टीम कमज़ोर पड़ जाती है। पहले काम पर ध्यान दें और याद रखें कि किसने किसे कहाँ जाते देखा। इस गेम में Among Us से ज़्यादा रोल हैं, जैसे सब कुछ सुधारने वाले, सुराग खोजने वाले या छिपकर चाल बदलने वाले, और हर रोल की अपनी ताकत है। पाँच-छह से ज़्यादा लोग हों, तो खेल सबसे अच्छा लगता है।
2. Super Sus: सीधा-सादा Among Us जैसा अनुभव
अगर आपको Among Us का ही स्वाद चाहिए और उसमें ज़्यादा झंझट नहीं चाहिए, तो Super Sus जैसे गेम आज़माए जा सकते हैं। इसमें भी आप क्रू के सदस्य होते हैं, जिन्हें काम निपटाने हैं, और एक या ज़्यादा इम्पोस्टर होते हैं जो चुपचाप खिलाड़ियों को हटाते हैं। नियम वही जाने-पहचाने हैं: काम, मीटिंग और वोटिंग।
इस तरह के गेम नए खिलाड़ियों के लिए अच्छे हैं, क्योंकि नियम समझने में कुछ मिनट ही लगते हैं। अगर ग्रुप में कोई ऐसा दोस्त है जिसने पहले कभी सोशल डिडक्शन गेम नहीं खेला, तो उसे इसी तरह के आसान गेम से शुरू कराएँ, पहले ही दिन जटिल रोल वाले गेम में न डालें।
जीतने के लिए कुछ सुझाव
- क्रू के सदस्य हों तो दो-तीन लोगों के साथ रहें, अकेले न घूमें।
- इम्पोस्टर हों तो सबसे पहले किसी पर शक न जताएँ, पहले दूसरों की बात सुनें।
- काम करते समय बीच-बीच में नक्शे पर नज़र डालते रहें।
- मीटिंग में बहुत ज़्यादा न बोलें, सीधी और सटीक बात कहें।
सबसे आम गलती यह है कि लोग बिना वजह इमरजेंसी मीटिंग बुला लेते हैं। इससे असली इम्पोस्टर को पता चल जाता है कि कौन घबराया हुआ है। मीटिंग तभी बुलाएँ जब कोई शव मिला हो या ठोस सबूत हो।
3. Project Winter: ठंड में बचने का खेल
Project Winter एक सर्वाइवल गेम है, जिसमें कुछ खिलाड़ी बर्फीले इलाके में फँसे होते हैं। सबको मिलकर बचना है, लेकिन बीच में कुछ गद्दार (ट्रेटर) हैं जो टीम को अंदर से कमज़ोर करना चाहते हैं। यह Among Us से थोड़ा ज़्यादा जटिल है, क्योंकि यहाँ सिर्फ काम नहीं, बल्कि सामान जुटाना, ठंड से बचना और बाहरी खतरों से लड़ना भी है।
इसकी खास बात आसपास की आवाज़ सुनने वाली चैट है। आप सिर्फ उन्हीं की आवाज़ सुन पाते हैं जो आपके नज़दीक हों। कोई दूर चला जाए तो उससे बात नहीं हो सकती। इससे खेल में असली जैसा तनाव बनता है और शक भी बढ़ता है, क्योंकि कौन कहाँ था, इसका कोई गवाह नहीं मिलता।
कैसे खेलें
- शुरू में सब मिलकर लकड़ी, खाना और बाकी सामान इकट्ठा करते हैं।
- गद्दार चुपचाप काम बिगाड़ते हैं, जैसे आग बुझाना या सामान चुराना।
- बीच-बीच में बातचीत से गद्दार पकड़ने की कोशिश होती है।
- अंत में टीम को बचाव के लक्ष्य तक पहुँचना होता है।
नए खिलाड़ी अक्सर अकेले दूर चले जाते हैं और अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। हमेशा कम से कम एक साथी के साथ रहें। अगर कोई बार-बार आपको अकेले चलने को कहे, तो थोड़ा सतर्क हो जाएँ। यह गेम उन ग्रुप के लिए है जिन्हें थोड़ा एक्शन और सर्वाइवल पसंद है, क्योंकि यहाँ बातचीत के साथ सच में मेहनत भी करनी पड़ती है। यह गेम आपके फ़ोन पर चलेगा या नहीं, यह Play Store की जानकारी और रिव्यू से जाँच लें, क्योंकि इसे चलाने के लिए अच्छे फ़ोन की ज़रूरत पड़ सकती है।
4. Suspects: Mystery Mansion: हर कोई शक के घेरे में
Suspects: Mystery Mansion एक और सोशल डिडक्शन गेम है। इसमें आप एक हवेली जैसी जगह में होते हैं और खिलाड़ियों के बीच एक कातिल छिपा होता है। यहाँ सिर्फ काम निपटाना काफी नहीं है। सुराग ढूँढना, किसी की मौजूदगी का अंदाज़ा लगाना और अपने बचाव में सही बात कहना भी खेल का हिस्सा है।
ऐसे गेम में अलग-अलग किरदारों की अलग क्षमताएँ हो सकती हैं, जैसे किसी जगह को देखना या कोई रास्ता रोकना। इससे खेल थोड़ा रणनीति वाला बन जाता है। कौन-सी क्षमता किस किरदार के पास है, यह गेम के भीतर के विवरण में देखना बेहतर है, क्योंकि समय-समय पर इसमें बदलाव होते रहते हैं।
क्या अलग है यहाँ
- अलग-अलग किरदार, जिनके बारे में गेम में जानकारी मिलती है।
- सुराग और बहाने, दोनों का इस्तेमाल करके कातिल का पता लगाना।
- बातचीत की सुविधा, जिसकी सेटिंग गेम के मुताबिक अलग हो सकती है।
यहाँ बड़ी गलती यह होती है कि लोग सिर्फ इसलिए किसी पर शक करते हैं कि वह चुप है। कई बार चुप रहने वाला खिलाड़ी सच में अपने काम में लगा होता है। और बहुत बोलने वाला भी कातिल हो सकता है, क्योंकि वह ध्यान भटकाना चाहता है। इसलिए हर बात ध्यान से सुनें और एक ही संकेत पर फैसला न करें।
5. Werewolf Online: गाँव वालों की क्लासिक कहानी
Werewolf, यानी भेड़िया खेल, आपने शायद बैठकर दोस्तों के साथ कभी खेला होगा। Werewolf Online जैसे ऐप उसी क्लासिक पार्टी गेम का डिजिटल रूप हैं। एक गाँव है, कुछ गाँव वाले हैं, और रात होते ही भेड़िए हमला करते हैं।
यह खेल थोड़ा धीमा है, पर दिमागी कसरत ज़्यादा है। दिन में सब बात करते हैं, एक-दूसरे पर शक करते हैं और फिर किसी एक को गाँव से निकाल देते हैं। रात में खेल चलता है, जब हर रोल अपनी ताकत इस्तेमाल करता है। हर ऐप के रोल थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर ये रोल मिलते हैं:
- गाँव वाला: बात कर सकता है और वोट दे सकता है।
- भेड़िया: रात में किसी एक गाँव वाले को हटाता है।
- भविष्यवक्ता (सीअर): रात में किसी एक खिलाड़ी की असलियत जान सकता है।
- डॉक्टर: रात में किसी एक खिलाड़ी को बचा सकता है।
सीअर या डॉक्टर का रोल मिलने पर लोग अक्सर घबरा जाते हैं और अपनी पहचान जल्दी बता देते हैं। इससे भेड़िए सबसे पहले उन्हीं को निशाना बना लेते हैं। अपनी पहचान तभी बताएँ जब उसका सचमुच फायदा हो।
इस गेम में टेक्स्ट चैट ज़्यादा इस्तेमाल होती है, इसलिए टाइप करने में थोड़ा समय लगता है। यह उन दोस्तों के लिए बढ़िया है जो अब अलग-अलग शहरों में रहते हैं, लेकिन फिर भी साथ खेलना चाहते हैं।
6. Mafia42 जैसे ऑनलाइन माफिया गेम
Werewolf जैसा ही एक और परिवार है माफिया गेम का, जिसमें कुछ खिलाड़ी माफिया होते हैं और बाकी नागरिक। Mafia42 जैसे ऐप इसी तरह के ऑनलाइन माफिया खेल हैं, जिनमें बहुत से रोल, वोटिंग और बातचीत होती है। ऐसे ऐप की भाषा अंग्रेज़ी या दूसरी विदेशी भाषा में हो सकती है, इसलिए पहले एक-दो राउंड सिर्फ देखकर समझें।
इस तरह के गेम में सबसे बड़ा फायदा यह है कि नियम दशकों पुराने पार्टी खेल माफिया पर टिके हैं, इसलिए नियम सीखने के बाद आप किसी भी माफिया ऐप में आसानी से खेल सकते हैं। फर्क बस रोल की गिनती और पर्दे के डिज़ाइन का होता है।
शुरुआत कैसे करें
- पहले कुछ राउंड में सिर्फ ध्यान से देखें, ज़्यादा बोलने की कोशिश न करें।
- अपना रोल पढ़ें और उसी हिसाब से चलें।
- दिन की बातचीत ध्यान से पढ़ें, और जिसने पहले कुछ और कहा था, उसकी बातों से तुलना करें।
- सिर्फ तभी अपना रोल बताएँ जब आप पर शक हो और बचना ज़रूरी हो।
ऑनलाइन अजनबियों के साथ खेलते समय अपना नाम, पता, फ़ोन नंबर या कोई निजी जानकारी चैट में न लिखें। जो खिलाड़ी बहुत गाली-गलौज या अभद्र भाषा इस्तेमाल करें, उन्हें रिपोर्ट या ब्लॉक करने का विकल्प ऐप में देखें।
7. एक फ़ोन पर चलने वाले इम्पोस्टर और जासूस शब्द-खेल
हर बार ऑनलाइन खेलना ज़रूरी नहीं। Play Store पर “Imposter” या “Spyfall” जैसे नामों से कई पार्टी ऐप मिलते हैं, जो एक ही फ़ोन पर सबके साथ चलते हैं। इनमें फ़ोन बारी-बारी से हर खिलाड़ी के हाथ में जाता है। बाकी खिलाड़ियों को एक गुप्त शब्द या जगह दिखती है, जबकि एक खिलाड़ी को वह नहीं बताई जाती। फिर सब सवाल-जवाब करके पता लगाते हैं कि कौन-सा खिलाड़ी जानकारी के बिना नाटक कर रहा है।
इस तरह के खेल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सबको अपने फ़ोन में कुछ इंस्टॉल नहीं करना पड़ता और इंटरनेट भी ज़रूरी नहीं होता। सफर में, चाय की दुकान पर या किसी पारिवारिक जमावड़े में यह खेल अच्छा चलता है। दादी से लेकर छोटे भाई तक कोई भी खेल सकता है, क्योंकि इसमें गेमिंग की महारत नहीं चाहिए, बस थोड़ी चालाकी और हँसी चाहिए।
खेल का तरीका
- फ़ोन एक खिलाड़ी से दूसरे के पास जाता है और हर कोई अपनी भूमिका या शब्द चुपचाप देखता है।
- उसके बाद सब बारी-बारी से सवाल पूछते हैं, लेकिन सीधे शब्द या जगह नहीं बताते।
- शक होने पर सब वोट करते हैं।
- अंत में असलियत सामने आती है और पता चलता है कौन जीता।
आम गलती यह है कि लोग फ़ोन पास करते समय दूसरों की स्क्रीन झाँक लेते हैं। इससे खेल का मज़ा खराब हो जाता है। नियम बना लें कि स्क्रीन सिर्फ उसी को दिखेगी जिसकी बारी है, और फ़ोन देते समय उसे नीचे की ओर पलट दें।
खेल चुनने से पहले यह चेकलिस्ट देख लें
इतने सारे खेलों में से सही खेल चुनना आसान नहीं है। हर ग्रुप का मूड अलग होता है, हर किसी का फ़ोन अलग होता है और हर किसी की पसंद अलग होती है। नीचे की चेकलिस्ट इसमें मदद करेगी।
- कितने खिलाड़ी हैं: कम खिलाड़ी हों तो एक फ़ोन पर चलने वाला खेल आज़माएँ। ज़्यादा लोग हों तो Goose Goose Duck जैसा रोल वाला खेल अच्छा रहेगा।
- कितना समय है: कम समय हो तो छोटे राउंड वाले खेल चुनें। पूरी रात हो तो माफिया या Werewolf जैसे लंबे खेल खेलें।
- कैसा मूड है: हँसी-मज़ाक चाहिए तो हल्के शब्द-खेल लें। दिमागी लड़ाई चाहिए तो Werewolf या माफिया लें।
- सबके फ़ोन की क्षमता: सबके पास ऊँचे दाम वाले फ़ोन नहीं होते। चुनने से पहले Play Store पर देख लें कि गेम कितनी जगह लेता है और किन फ़ोनों पर चलता है।
- बातचीत कैसे होगी: दोस्त दूर हों तो वॉइस चैट वाला गेम या अलग कॉल खुली रखें। साथ बैठे हों तो एक फ़ोन वाला गेम बेहतर है।
- नए खिलाड़ी हैं या नहीं: अगर किसी ने पहले सोशल डिडक्शन गेम नहीं खेला, तो Among Us जैसे आसान गेम से शुरू करें। सीधे बहुत रोल वाला गेम देंगे तो उलझन होगी।
- इंटरनेट कैसा है: सबके पास अच्छा इंटरनेट हो तभी ऑनलाइन गेम चुनें। नहीं तो एक फ़ोन वाला खेल बेहतर है।
- बच्चे साथ हैं: अनजान लोगों के साथ ऑनलाइन चैट वाले गेम में बच्चों को बिना देखरेख न खेलने दें, और ऐप के भीतर खरीदारी बंद रखें।
इन सवालों के जवाब पाकर आपको साफ पता चल जाएगा कि आज कौन-सा खेल खेलना है। और हाँ, हार-जीत से ज़्यादा ज़रूरी है कि दोस्ती बनी रहे। खेल में किसी दोस्त ने धोखा दिया, तो खेल खत्म होते ही हँसकर हाथ मिला लीजिए, और अगली बार पूरी योजना बनाकर बदला ले लीजिए।





